भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 17/332 / 358
332अपराध कारित करने के लिए गृह-अतिचार
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 137स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, ऐसा अपराध करने के लिए गृह-अतिचार करता है—
(क) जो मृत्यु से दंडनीय है, वह आजीवन कारावास से, या कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष से अधिक नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ;
(ख) जो आजीवन कारावास से दंडनीय है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष से अधिक नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ;
(ग) जो कारावास से दंडनीय है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा :
परन्तु यदि वह अपराध, जिसका किया जाना आशयित हो, चोरी हो, तो कारावास की अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी ।
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