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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 17/319 / 358

319प्रतिरूपण द्वारा छल

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 130स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(॥) कोई व्यक्ति प्रतिरूपण द्वारा छल करता है, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह निरूपित करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल करता है ।

स्पष्टीकरण—यह अपराध हो जाता है, चाहे वह व्यक्ति, जिसका प्रतिरूपण किया गया है, वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक ।

दृष्टांत

(क) क उसी नाम का अमुक धनवान बैंकर है इस अपदेश द्वारा छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।

(ख) ख, जिसकी मृत्यु हो चुकी है, होने का अपदेश करने द्वारा क छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।

(2) जो कोई, प्रतिरूपण द्वारा छल करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।