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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 13/207 / 358

207समन की तामील का या अन्य कार्यवाही का या उसके प्रकाशन का निवारण करना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 90–91स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, किसी लोक सेवक द्वारा, जो लोक सेवक के नाते कोई समन, सूचना या आदेश निकालने के लिए वैध रूप से सक्षम है, निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील, अपने पर या किसी अन्य व्यक्ति पर होना किसी प्रकार साशय निवारित करता है, या किसी ऐसे समन, सूचना या आदेश का किसी ऐसे स्थान में विधिपूर्वक लगाया जाना साशय निवारित करता है, या किसी ऐसे समन, सूचना या आदेश को किसी ऐसे स्थान से, जहां विधिपूर्वक लगाया हुआ है, साशय हटाता है, या किसी ऐसे लोक सेवक के प्राधिकार के अधीन की जाने वाली किसी उद्घोषणा का विधिपूर्वक किया जाना साशय निवारित करता है, जो ऐसे लोक सेवक के नाते ऐसी उद्घोषणा का किया जाना निर्दिष्ट करने के लिए वैध रूप से सक्षम है,—

(क) वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;

(ख) जहां समन, सूचना, आदेश या उद्घोषणा किसी न्यायालय में स्वयं या अभिकर्ता द्वारा उपस्थित होने के लिए या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए है, तो वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।