भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 13/215 / 358
215कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 93–94स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, अपने द्वारा किए गए किसी कथन पर हस्ताक्षर करने को ऐसे लोक सेवक द्वारा अपेक्षा किए जाने पर, जो उससे यह अपेक्षा करने के लिए विधिक रूप से सक्षम है कि वह उस कथन पर हस्ताक्षर करे, उस कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो तीन हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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