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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 13/220 / 358

220लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति का अवैध क्रय या उसके लिए अवैध बोली लगाना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 95स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, संपत्ति के किसी ऐसे विक्रय में, जो लोक सेवक के नाते लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा हो रहा हो, किसी ऐसे व्यक्ति के निमित्त चाहे वह व्यक्ति वह स्वयं हो, या कोई अन्य हो, किसी संपत्ति का क्रय करता है या किसी संपत्ति के लिए बोली लगाता है, जिसके बारे में वह जानता है कि वह व्यक्ति उस विक्रय में उस संपत्ति के क्रय करने के बारे में किसी विधिक असमर्थता के अधीन है या ऐसी संपत्ति के लिए यह आशय रखकर बोली लगाता है कि ऐसी बोली लगाने से जिन बाध्यताओं के अधीन वह अपने आप को डालता है उन्हें उसे पूरा नहीं करना है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

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