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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 13/210 / 358

210दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध व्यक्ति का लोक सेवक को प्रस्तुत करने का लोप

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 92स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, किसी लोक सेवक को, ऐसे लोक सेवक के नाते किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को प्रस्तुत करने या परिदत्त करने के लिए विधिक रूप से आबद्ध होते हुए, उसको इस प्रकार प्रस्तुत करने या परिदत्त करने का साशय लोप करेगा,—

(क) वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ;

(ख) और जहां वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख किसी न्यायालय में प्रस्तुत या परिदत्त किया जाना हो, तो वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा । दृष्टांत क, जो एक जिला न्यायालय के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए विधिक रूप से

आबद्ध है, उसको प्रस्तुत करने का साशय लोप करता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।

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