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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/106 / 358

106उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 56स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) जो कोई, उतावलेपन से या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करता है, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा और यदि ऐसा कृत्य किसी रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, जब वह चिकित्सीय प्रक्रिया संपादित कर रहा है, कारित किया जाता है तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

स्पष्टीकरण-इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, “रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी” से ऐसा चिकित्सा व्यवसायी अभिप्रेत है जिसके पास राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम, 2019 के अधीन मान्यताप्राप्त कोई चिकित्सा अर्हता है और जिसका नाम उस अधिनियम के अधीन राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर या किसी राज्य चिकित्सा रजिस्टर में प्रविष्ट किया गया है ।

(2) जो कोई, वाहन के उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण चलाने से, किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करता है, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है और घटना के तत्काल पश्चात्, इसे पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट किए बिना, भाग जाता है, तो वह दोनों में से किसी भी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।