भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/115 / 358
115स्वेच्छया उपहति कारित करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 61स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) जो कोई, किसी कार्य को इस आशय से करता है कि उसके द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित की जाए या इस ज्ञान के साथ करता है कि यह संभाव्य है कि वह उसके द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित करे और उसके द्वारा किसी व्यक्ति की उपहति कारित करता है, वह “स्वेच्छया उपहति करता है”, यह कहा जाता है ।
(2) जो कोई, धारा 122 की उपधारा (1) के अधीन उपबंधित मामले के सिवाय, स्वेच्छया उपहति कारित करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रूपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडनीय होगा ।
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