भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/125 / 358
125कार्य, जिससे दूसरों का जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न हो
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 65स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, इतने उतावलेपन या उपेक्षा से कोई ऐसा कार्य करता है कि उससे मानव जीवन या दूसरों का वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न होती है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो ढ़ाई हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा, किंतु—
(क) जहां उपहति कारित की जाती है, वहां दोनों में से किसी भांति के कारावास, जिसकी अवधि छह मास तक हो सकेगी या जुर्माने से, जो पांच हजार रूपए तक का हो सकेगा या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ;
(ख) जहां घोर उपहति कारित की जाती है, वहां दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक हो सकेगी या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक हो सकेगा या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
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