नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/118 / 358

118खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 62–63स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) जो कोई, धारा 122 की उपधारा (1) में उपबंधित दशा के सिवाय, गोली मारने, वेधने या काटने के किसी उपकरण द्वारा या किसी ऐसे उपकरण द्वारा जो यदि आक्रामक हथियार के तौर पर उपयोग में लाया जाए, जिससे मृत्यु कारित होना सम्भाव्य है, या अग्नि या किसी तप्त पदार्थ द्वारा, या किसी विष या किसी संक्षारक पदार्थ द्वारा या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा या किसी ऐसे पदार्थ द्वारा, जिसका श्वास में जाना या निगलना या रक्त में पहुंचना मानव शरीर के लिए हानिकारक है, या किसी जीव-जन्तु द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से जो बीस हजार रुपए तक हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

(2) जो कोई, धारा 122 की उपधारा (2) में उपबंधित दशा के सिवाय, उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी साधन से स्वेच्छया घोर उपहति कारित करता है, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम की नहीं होगी किंतु दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।