भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/112 / 358
112छोटे संगठित अपराध
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 59स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) जो कोई, समूह या टोली का सदस्य होते हुए, या तो अकेले या संयुक्त रूप से चोरी, झपटमारी, छल, टिकटों का अप्राधिकृत रूप से विक्रय, अप्राधिकृत शर्त लगाने या जुआ खेलने, लोक परीक्षा प्रश्नपत्रों का विक्रय या कोई अन्य समरूप अपराधिक कृत्य कारित करता है, तो वह छोटा संगठित अपराध कारित करता है ।
स्पष्टीकरण—इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, “चोरी” में चालाकी से चोरी, वाहन, निवास-घर या कारबार परिसर से चोरी, कार्गों से चोरी, पाकेट मारना, कार्ड स्किमिंग, शॉपलिफ्टिंग के माध्यम से चोरी और स्वचालित टेलर मशीन की चोरी शामिल है ।
(2) जो कोई, छोटा संगठित अपराध कारित करता है वह ऐसी अवधि के कारावास से दंडनीय होगा, जो एक वर्ष से कम का नहीं होगा, किंतु सात वर्ष तक हो सकेगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।