भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/107 / 358
107शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति की आत्महत्या का दुष्प्रेरण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 56स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दयदि कोई शिशु, विकृत्त चित्त व्यक्ति, कोई उन्मत्त व्यक्ति या मत्तता की अवस्था में कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है जो कोई, ऐसी आत्महत्या करने के लिए दुष्प्रेरण करता है, तो वह मृत्यु या आजीवन कारावास या ऐसी अवधि के कारावास से, जो दस वर्ष से अधिक की नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
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