भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 6/131 / 358
131गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 69स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी व्यक्ति पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग उस व्यक्ति द्वारा गम्भीर और अचानक प्रकोपन दिए जाने पर करने से अन्यथा करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण —गम्भीर और अचानक प्रकोपन से, इस धारा के अधीन किसी अपराध के दण्ड में कमी नहीं होगी,—
(क) यदि वह प्रकोपन अपराध करने के लिए प्रतिहेतु के रूप में अपराधी द्वारा वांछित या स्वेच्छया प्रकोपित किया गया है ; या
(ख) यदि वह प्रकोपन किसी ऐसी बात द्वारा दिया गया है जो विधि के पालन में, या किसी लोक सेवक द्वारा ऐसे लोक सेवक की शक्ति के विधिपूर्ण प्रयोग में की गई है ; या
(ग) यदि वह प्रकोपन किसी ऐसी बात द्वारा दिया गया है जो प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार के विधिपूर्ण प्रयोग में की गई है ।
स्पष्टीकरण 2—प्रकोपन, अपराध को कम करने के लिए पर्याप्त गम्भीर और अचानक था या नहीं, यह तथ्य का प्रश्न है ।
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