भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 5/96 / 358
96शिशु का उपापन
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 50स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी शिशु को अन्य व्यक्ति से अनुचित संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से या उसके द्वारा विवश या विलुब्ध किया जाएगा, यह सम्भाव्य जानते हुए ऐसे शिशु को किसी स्थान से जाने को या कोई कार्य करने को किसी भी साधन द्वारा उत्प्रेरित करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।