भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 5/67 / 358
67पृथक्करण के दौरान पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ मैथुन
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 42स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, अपनी पत्नी के साथ, उसकी सम्मति के बिना, मैथुन करेगा, जो पृथक्करण की किसी डिक्री के अधीन या अन्यथा, उससे पृथक् रह रही है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
स्पष्टीकरण—इस धारा में, “मैथुन” से धारा 63 के खंड (क) से खंड (घ) में वर्णित कोई भी कृत्य अभिप्रेत है ।
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