भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 5/70 / 358
70सामूहिक बलात्संग
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 43–44स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) जहां किसी महिला से, एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा, एक समूह गठित करके या सामान्य आशय को अग्रसर करने में कार्य करते हुए बलात्संग किया जाता है, वहां उन व्यक्तियों में से प्रत्येक के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने बलात्संग का अपराध किया है और वह ऐसी अवधि के कठिन कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा :
परंतु ऐसा जुर्माना पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों को पूरा करने के लिए और पुनर्वास के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा :
परंतु यह और कि इस उपधारा के अधीन अधिरोपित किसी भी जुर्माने का संदाय पीड़िता को किया जाएगा ।
(2) जहां अठारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला से एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा, एक समूह गठित करके या सामान्य आशय को अग्रसर करने में कार्य करते हुए, बलात्संग किया जाता है, वहां उन व्यक्तियों में से प्रत्येक के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने बलात्संग का अपराध किया है और वह आजीवन कारावास से, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत है, और जुर्माने से, या मृत्युदंड से, दंडनीय होगा :
परन्तु ऐसा जुर्माना पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों को पूरा करने के लिए और पुनर्वास के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा :
परन्तु यह और कि इस उपधारा के अधीन अधिरोपित किसी भी जुर्माने का संदाय पीड़िता को किया जाएगा ।
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