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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 5/75 / 358

75लैंगिक उत्पीड़न

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 45स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) कोई पुरूष, निम्नलिखित कृत्यों में से कोई कृत्य, अर्थात् :—

(i) शारीरिक स्पर्श और अग्रक्रियाएं करता है, जिनमें अवांछनीय और स्पष्ट लैंगिक संबंध बनाने का प्रस्ताव अंतर्वलित है ; या

(ii) लैंगिक स्वीकृति के लिए कोई मांग या अनुरोध करता है ; या

(iii) किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील साहित्य दिखाता है ; या

(iv) लैंगिक आभासी टिप्पणियां करता है,

तो वह लैंगिक उत्पीड़न के अपराध का दोषी होगा ।

(2) कोई पुरुष, जो उपधारा (1) के खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) में विनिर्दिष्ट अपराध करता है, तो वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(3) कोई पुरुष, जो उपधारा (1) के खंड (iv) में विनिर्दिष्ट अपराध करता है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।