भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 5/88 / 358
88गर्भपात कारित करना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 49स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, गर्भवती महिला का स्वेच्छया गर्भपात कारित करता है, यदि ऐसा गर्भपात उस महिला का जीवन बचाने के प्रयोजन से सद्भावपूर्वक कारित न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा, और यदि वह महिला स्पन्दनगर्भा हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
स्पष्टीकरण—जो महिला स्वयं अपना गर्भपात कारित करती है, वह इस धारा के अर्थ के अन्तर्गत आती है ।
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