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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 11/189 / 358

189विधिविरुद्ध जमाव

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 83–85स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) पांच या अधिक व्यक्तियों का जमाव “विधिविरुद्ध जमाव” कहा जाता है, यदि उन व्यक्तियों का, जिनसे वह जमाव गठित हुआ है, सामान्य उद्देश्य है,—

(क) केंद्रीय सरकार को, या किसी राज्य सरकार को, या संसद् को, या किसी राज्य के विधान-मंडल को, या किसी लोक सेवक को, जब वह ऐसे लोक सेवक की विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग कर रहा है, आपराधिक बल द्वारा, या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा, आतंकित करना ; या

(ख) किसी विधि के, या किसी वैध आदेशिका के, निष्पादन का प्रतिरोध करना ;

या

(ग) किसी रिष्टि या आपराधिक अतिचार या अन्य अपराध का करना ; या

(घ) किसी व्यक्ति पर आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा, किसी संपत्ति का कब्जा लेना या अभिप्राप्त करना या किसी व्यक्ति को किसी मार्ग के अधिकार के उपभोग से, या जल का उपयोग करने के अधिकार या अन्य अमूर्त अधिकार से, जिसका वह कब्जा रखता है, या उपभोग करता है, वंचित करना या किसी अधिकार या अनुमानित अधिकार को प्रवर्तित कराना ; या

(ङ) आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा, किसी व्यक्ति को वह करने के लिए, जिसे करने के लिए वह वैध रूप से आबद्ध नहीं है या उसका लोप करने के लिए, जिसे करने का वह वैध रूप से हकदार है, विवश करना ।

स्पष्टीकरण—कोई जमाव, जो इकठ्ठा होते समय विधिविरुद्ध नहीं था, तत्पश्चात् विधिविरुद्ध जमाव हो सकेगा ।

(2) जो कोई, उन तथ्यों से परिचित होते हुए, जो किसी जमाव को विधिविरुद्ध जमाव बनाते हैं, उस जमाव में साशय सम्मिलित होता है या उसमें बना रहता है, यह कहा जाता है कि वह विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य है, और ऐसा सदस्य, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(3) जो कोई, किसी विधिविरुद्ध जमाव में, यह जानते हुए कि ऐसे विधिविरुद्ध जमाव को बिखर जाने का समादेश विधि द्वारा विहित रीति से दिया गया है, सम्मिलित होता है, या बना रहता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(4) जो कोई, किसी घातक आयुध से, या किसी ऐसी चीज से, जिससे आक्रामक आयुध के रूप में उपयोग किए जाने पर मृत्यु कारित होना संभाव्य है, सज्जित होते हुए किसी विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(5) जो कोई, पांच या अधिक व्यक्तियों के किसी जमाव में, जिससे लोक शांति में विघ्न कारित होना सम्भाव्य है, ऐसे जमाव को बिखर जाने का समादेश विधिपूर्वक दे दिए जाने पर जानते हुए सम्मिलित होता है या बना रहता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण—यदि वह जमाव उपधारा (1) के अर्थ के अंतर्गत विधिविरुद्ध जमाव है, तो अपराधी उपधारा (3) के अधीन दंडनीय होगा ।

(6) जो कोई, किसी व्यक्ति को किसी विधिविरुद्ध जमाव में सम्मिलित होने या उसका सदस्य बनाने के लिए भाड़े पर लेता है या वचनबद्ध या नियोजित करता है या भाड़े पर लिए जाने का, वचनबद्ध या नियोजित करने का संप्रवर्तन करता है या उसके प्रति मौनानुकूल बना रहता है, वह ऐसे विधिविरुद्ध जमाव के सदस्य के रूप में, और किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसे विधिविरुद्ध जमाव के सदस्य के नाते ऐसे भाड़े पर लेने, वचनबद्ध या नियोजन के अनुसरण में किए गए किसी भी अपराध के लिए उसी प्रकार दंडनीय होगा, मानो वह ऐसे विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य रहा था या ऐसा अपराध उसने स्वयं किया था ।

(7) जो कोई, अपने अधिभोग या भारसाधन, या नियंत्रण के अधीन किसी घर या परिसर में किन्हीं व्यक्तियों को, यह जानते हुए कि वे व्यक्ति विधिविरूद्ध जमाव में सम्मिलित होने या सदस्य बनने के लिए भाड़े पर लाए गए, वचनबद्ध या नियोजित किए गए हैं या भाड़े पर लाए जाने, वचनबद्ध या नियोजित किए जाने वाले है, संश्रय देता है, आने देता है या सम्मेलित करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(8) जो कोई, उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कार्यों में से किसी को करने के लिए या करने में सहायता देने के लिए वचनबद्ध किया जाता है या भाड़े पर लिया जाता है या भाड़े पर लिए जाने या वचनबद्ध किए जाने के लिए अपनी प्रस्थापना करता है या प्रयत्न करता है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

(9) जो कोई, उपधारा (8) में निर्दिष्ट प्रकार से वचनबद्ध होने या भाड़े पर लिए जाने पर, किसी घातक आयुध से या किसी ऐसी चीज से, जिससे आक्रामक आयुध के रूप में उपयोग किए जाने पर मृत्यु कारित होनी संभाव्य है, सज्जित होकर चलेगा, या सज्जित होकर चलने के लिए वचनबद्ध होगा या अपनी प्रस्थापना करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

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