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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 11/192 / 358

192बलवा कराने के आशय से स्वैरिता से प्रकोपन देना- यदि बलवा किया जाए; यदि बलवा न किया जाए

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 86स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, अवैध बात करने द्वारा, किसी व्यक्ति को परिद्वेष से या स्वैरिता से प्रकोपित, इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए करता है कि ऐसे प्रकोपन के परिणामस्वरूप बलवे का अपराध किया जाएगा ; यदि ऐसे प्रकोपन के परिणामस्वरूप बलवे का अपराध किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, और यदि बलवे का अपराध न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

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