भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 3/25 / 358
25सम्मति से किया गया कार्य जिससे मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का आशय न हो और न उसकी संभाव्यता का ज्ञान हो
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 24स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दकोई बात, जो मृत्यु या घोर उपहति कारित करने के आशय से न की गई हो और जिसके बारे में कर्ता को यह ज्ञात न हो कि उससे मृत्यु या घोर उपहति कारित होना संभाव्य है, किसी ऐसी अपहानि के कारण अपराध नहीं है जो उस बात से अठारह वर्ष से अधिक आयु के किसी व्यक्ति को, जिसने वह अपहानि सहन करने की चाहे अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति दे दी हो, कारित हो या कारित होना कर्ता द्वारा आशयित हो या जिसके बारे में कर्ता को ज्ञात हो कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को, जिसने उस अपहानि की जोखिम उठाने की सम्मति दे दी है, उस बात द्वारा कारित होना संभाव्य है ।
दृष्टांत
क और य अमोद-प्रमोद हेतु आपस में पट्टेबाजी करने को सहमत होते हैं । इस सहमति में किसी अपहानि को, जो ऐसी पट्टेबाजी के दौरान खेल के नियम के विरुद्ध न होते हुए कारित हो, सहन करने की प्रत्येक की सम्मति विवक्षित है, और यदि क, नियमानुसार पट्टेबाजी करते हुए य को उपहति कारित कर देता है, तो क कोई अपराध नहीं करता है ।
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