भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 3/31 / 358
31सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 27स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दसद्भावपूर्वक दी गई संसूचना किसी अपहानि के कारण अपराध नहीं है, जो उस व्यक्ति को हुई है, जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई है ।
दृष्टांत
क, एक शल्यचिकित्सक, एक रोगी को सद्भावपूर्वक यह संसूचित करता है कि उसकी राय में वह जीवित नहीं रह सकता । इस आघात के परिणामस्वरूप उस रोगी की मृत्यु हो जाती है । क ने कोई अपराध नहीं किया है, यद्यपि वह जानता था कि उस संसूचना से उस रोगी की मृत्यु कारित होना संभाव्य है ।
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