भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 3/29 / 358
29ऐसे कार्यों का अपवर्जन जो कारित अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैं
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 26स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दधारा 25, धारा 26 और धारा 27 के अपवादों का विस्तार उन कार्यों पर नहीं है, जो किसी अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैं जो उस व्यक्ति को, जो सम्मति देता है या जिसकी ओर से सम्मति दी जाती है, उन कार्यों से कारित हो, या कारित किए जाने का आशय हो, या कारित होने की संभाव्यता ज्ञात हो ।
दृष्टांत
गर्भपात कराना (जब तक कि वह उस महिला का जीवन बचाने के प्रयोजन से सद्भावपूर्वक कारित न किया गया हो) किसी अपहानि के बिना भी, जो उससे उस महिला को कारित हो या कारित करने का आशय हो, स्वतः अपराध है । इसलिए वह “ऐसी अपहानि के कारण” अपराध नहीं है ; और ऐसा गर्भपात कराने की उस महिला की या उसके संरक्षक की सम्मति उस कार्य को न्यायानुमत नहीं बनाती ।
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