भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 3/17 / 358
17विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 23स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दकोई बात अपराध नहीं है, जो ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाए, जो उसे करने के लिए विधि द्वारा न्यायानुमत है, या तथ्य की भूल के कारण, न कि विधि की भूल के कारण सद्भावपूर्वक विश्वास करता है कि वह उसे करने के लिए विधि द्वारा न्यायानुमत है ।
दृष्टांत
क, य को ऐसा कार्य करते हुए देखता है, जो क को हत्या प्रतीत होता है । क सद्भावपूर्वक काम में लाए गए अपने श्रेष्ठ निर्णय के अनुसार उस शक्ति को प्रयोग में लाते हुए, जो विधि ने हत्या करने वालों को उस कार्य में पकड़ने के लिए समस्त व्यक्तियों को दे रखी है, य को उचित प्राधिकारियों के समक्ष ले जाने के लिए य को अभिगृहीत करता है । क ने कोई अपराध नहीं किया है, चाहे तत्पश्चात् असल बात यह निकले कि य आत्म-रक्षा में कार्य कर रहा था ।
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