भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 3/16 / 358
16न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 22स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दकोई बात, जो किसी न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में की जाए या उसके द्वारा समर्थित हो, यदि वह उस निर्णय या आदेश के प्रवृत्त रहते की जाए, अपराध नहीं है, चाहे उस न्यायालय को ऐसा निर्णय या आदेश देने की अधिकारिता न रही हो, परन्तु यह तब जब कि वह कार्य करने वाला व्यक्ति सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि उस न्यायालय को वैसी अधिकारिता थी ।
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