भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 15/270 / 358
270लोक न्यूसेन्स
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 110स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दवह व्यक्ति लोक न्यूसेन्स का दोषी है, जो कोई ऐसा कार्य करता है या किसी ऐसे अवैध लोप का दोषी है, जिससे लोक को या जनसाधारण को जो आस-पास में रहते हों या आस-पास की सम्पत्ति पर अधिभोग रखते हों, कोई सामान्य क्षति, संकट या क्षोभ कारित हो या जिससे उन व्यक्तियों का जिन्हें किसी लोक अधिकार को उपयोग में लाने का मौका पड़े, क्षति, बाधा, संकट या क्षोभ कारित होना अवश्यंभावी हो, किंतु कोई सामान्य न्यूसेन्स इस आधार पर माफी योग्य नहीं है कि उससे कुछ सुविधा या भलाई कारित होती है ।
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