नई–पुरानी धाराmanzill.com
भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 15/277 / 358

277अपमिश्रित ओषधियों का विक्रय

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 111स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, यह जानते हुए कि किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति में इस प्रकार से अपमिश्रण किया गया है कि उसकी प्रभावकारिता कम हो गई या उसकी क्रिया बदल गई है, या वह हानिकर बन गई है, उसे बेचता है या बेचने की प्रस्थापना करता है या बेचने के लिए अभिदर्शित करता है, या किसी ओषधालय से ओषधीय प्रयोजनों के लिए उसे अनपमिश्रित के तौर पर देता है या उसका अपमिश्रित होना न जानने वाले व्यक्ति द्वारा ओषधीय प्रयोजनों के लिए उसका उपयोग कारित करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।