भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 15/278 / 358
278ओषधि का भिन्न ओषधि या निर्मिति के तौर पर विक्रय
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 111स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी ओषधि या भेषजीय निर्मिति को, भिन्न ओषधि या भेषजीय निर्मिति के तौर पर जानते हुए बेचता है या बेचने की प्रस्थापना करता है या बेचने के लिए अभिदर्शित करता है या ओषधीय प्रयोजनों के लिए औषधालय से देता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
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