भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 18/340 / 358
340कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 142स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) वह मिथ्या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रचा गया है, कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख कहलाता है ।
(2) जो कोई, किसी ऐसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में करता है, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की कूटरचना की हो ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।