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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 18/341 / 358

341धारा 338 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 142–143स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

(1) जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाता है या उसकी कूटकृति तैयार करता है कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो इस संहिता की धारा 338 के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से, किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को, उसे कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दण्डनीय होगा ।

(2) जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाता है या उसकी कूटकृति करता है, कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो धारा 338 से भिन्न इस अध्याय की किसी धारा के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को, उसे कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

(3) जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

(4) जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को कूटकृत जानते हुए या उसके बारे में ऐसा विश्वास रखने के कारण कपटपूर्वक या बेईमानी से इसे असली के रुप में उपयोग करता है, उसी रीति में दंड़नीय होगा, जैसे मानों उसने इस प्रकार की मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण का निर्माण या उसे कूटकृत किया हो ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।