भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 18/347 / 358
347सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरण
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 144–145स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) जो कोई, किसी सम्पत्ति-चिह्न का, जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
(2) जो कोई किसी सम्पत्ति-चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, या किसी ऐसे चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता हो कि कोई सम्पत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति द्वारा या किसी विशिष्ट समय या स्थान पर विनिर्मित की गई है, या यह कि वह सम्पत्ति किसी विशिष्ट क्वालिटी की है या किसी विशिष्ट कार्यालय में से पारित हो चुकी है, या यह कि किसी छूट की हकदार है, कूटकरण करता है, या किसी ऐसे चिह्न को उसे कूटकृत जानते हुए असली के रूप में उपयोग में लाता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
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