भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 18/345 / 358
345सम्पत्ति-चिह्न
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 144स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्द(1) वह चिह्न, जो यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता है कि चल संपत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति की है, सम्पत्ति चिह्न कहा जाता है ।
(2) जो कोई, किसी चल सम्पत्ति या माल को या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिसमें चल सम्पत्ति या माल रखा है, ऐसी रीति से चिह्नित करता है या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिस पर कोई चिह्न है, ऐसी रीति से उपयोग में लाता है, जो इसलिए युक्तियुक्त रूप से प्रकल्पित है कि उससे यह विश्वास कारित हो जाए कि इस प्रकार चिह्नित सम्पत्ति या माल, या इस प्रकार चिह्नित किसी ऐसे पात्र में रखी हुई कोई सम्पत्ति या माल, ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, वह मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न का उपयोग करता है, यह कहा जाता है ।
(3) जो कोई, किसी मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न का उपयोग करता है, जब तक कि वह यह साबित न कर दे कि उसने कपट करने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।
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