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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 10/178 / 358

178सिक्कों, सरकारी स्टांपों, करेंसी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 80–81स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, किसी सिक्के, राजस्व के प्रयोजन के लिए सरकार द्वारा जारी किए गये स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का कूटकरण करता है या यह जानते हुए कूटकरण की प्रक्रिया के किसी भाग का संपादन करता है, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

स्पष्टीकरण-इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए,—

(1) *बैंक-नोट” पद से उसके धारक की मांग पर धन के संदाय हेतु ऐसा वचनपत्र या वचनबंध अभिप्रेत है जो विश्व के किसी भी भाग में बैंककारी कारबार करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जारी या किसी राज्य या प्रभुत्वसंपन्न शक्ति के प्राधिकार द्वारा जारी और प्राधिकार के अधीन प्रचालित धन के समतुल्य या उसके स्थान पर प्रयोग किए जाने हेतु आशयित है ;

(2) “सिक्का” पद का वही अर्थ होगा, जो सिक्का-निर्माण अधिनियम, 2011 की धारा 2 में इसका है और इसके अंतर्गत तत्समय धन के रूप में उपयोग की गई धातु भी है और जिसे इस प्रकार उपयोग में लाए जाने के लिए किसी राज्य या प्रभुत्वसंपन्न शक्ति के प्राधिकार द्वारा और उसके अधीन स्टांम्प किया गया है तथा जारी किया गया है ;

(3) कोई व्यक्ति “सरकारी स्टाम्प कूटकरण” का अपराध करता है, जो एक अंकित मूल्य के असली स्टाम्प को किसी भिन्न अंकित मूल्य के असली स्टाम्प जैसा दिखाई देने का कूटकरण करता है ;

(4) जो व्यक्ति असली सिक्के को किसी भिन्न सिक्के के जैसा दिखाई देने वाला इस आशय से बनाता है कि प्रवंचना की जाए या यह संभाव्य जानते हुए बनाता है कि उसके द्वारा प्रवंचना की जाएगी, वह उस सिक्के के कूटकरण का अपराध करता है ; और

(5) “सिक्का कूटकरण” अपराध में, सिक्के के वजन को कम करना या मिश्रण में परिवर्तन करना या रूप में परिवर्तन करना भी सम्मिलित है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।