भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 4/60 / 358
60कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 38स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, किसी अपराध का किया जाना, जो कारावास से दंडनीय है, सुकर बनाने के आशय से या यह जानते हुए संभाव्यतः उसके द्वारा सुकर बनाएगा, ऐसे अपराध के किए जाने की किसी परिकल्पना के अस्तित्व को किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा स्वेच्छया छिपाएगा या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा निरूपण करेगा, जिसका मिथ्या होना वह जानता है,—
(क) यदि ऐसा अपराध कर दिया जाए, तो वह उस अपराध के लिए उपबंधित भांति के कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि की एक चौथाई तक की हो सकेगी ; और
(ख) यदि वह अपराध नहीं किया जाए, तो वह ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि के आठवें भाग तक की हो सकेगी,
या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबंधित है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
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