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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 4/56 / 358

56कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 36स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, कारावास से दण्डनीय किसी अपराध का दुष्प्रेरण करेगा, यदि वह अपराध उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप न किया जाए और ऐसे दुष्प्रेरण के दण्ड के लिए इस संहिता के अधीन कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं किया गया है, तो वह उस अपराध के लिए उपबन्धित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ; और यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ति ऐसा लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य ऐसे अपराध के लिए किए जाने को निवारित करना है, तो वह दुष्प्रेरक उस अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के कारावास से ऐसी अवधि के लिए, जो उस अपराध के लिए उपबंधित दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो अपराध के लिए उपबंधित है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

दृष्टांत

(क) मिथ्या साक्ष्य देने के लिए ख को क उकसाता है । यहां, यदि ख मिथ्या साक्ष्य नहीं देता है, तो भी क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है, और वह तद्नुसार दण्डनीय है ।

(ख) क, एक पुलिस अधिकारी, जिसका कर्तव्य लूट को निवारित करना है, लूट किए जाने का दुष्प्रेरण करता है । यहां, यद्यपि वह लूट नहीं की जाती, क उस अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि के आधे से, और जुर्माने से भी, दण्डनीय है ।

(ग) क द्वारा, जो एक पुलिस अधिकारी है, जिसका कर्तव्य लूट को निवारित करना है, उस अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण ख करता है, यहां, यद्यपि वह लूट नहीं की जाती है, ख लूट के अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि के आधे से, और जुर्माने से भी, दण्डनीय है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।