भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 4/62 / 358
62आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने का प्रयत्न करने के लिए दण्ड
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 39स्रोत
पुराना कानून
भारतीय दंड संहिता, 1860
आईपीसी से मिलान जल्दजो कोई, इस संहिता द्वारा आजीवन कारावास से या कारावास से दण्डनीय कोई अपराध करने का, या ऐसा अपराध कारित किए जाने का प्रयत्न करता है, और ऐसे प्रयत्न में अपराध करने की दिशा में कोई कार्य करता है, जहां कि ऐसे प्रयत्न के दण्ड के लिए इस संहिता द्वारा कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं किया गया है, वहां वह उस अपराध के लिए उपबन्धित किसी भांति के कारावास से उस अवधि के लिए जो, यथास्थिति, आजीवन कारावास के आधे तक की या उस अपराध के लिए उपबन्धित दीर्घतम अवधि के आधे तक की हो सकेगी या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
दृष्टांत
(क) क, एक सन्दूक तोड़कर खोलता है और उसमें से कुछ आभूषण चुराने का प्रयत्न करता है । सन्दूक इस प्रकार खोलने के पश्चात्, उसे ज्ञात होता है कि उसमें कोई आभूषण नहीं है । उसने चोरी करने की दिशा में कार्य किया है और इसलिए, वह इस धारा के अधीन दोषी है ।
(ख) क, य की जेब में अपना हाथ डालकर य की जेब से चुराने का प्रयत्न करता है । य की जेब में कुछ न होने के परिणामस्वरूप क अपने प्रयत्न में असफल रहता है । क इस धारा के अधीन दोषी है ।
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