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भारतीय न्याय संहिता, 2023

भारतीय न्याय संहिता, 2023/अध्याय 9/172 / 358

172निर्वाचनों में प्रतिरूपण

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 79स्रोत

पुराना कानून

भारतीय दंड संहिता, 1860

आईपीसी से मिलान जल्द

जो कोई, किसी निर्वाचन में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, चाहे वह जीवित हो या मृत, या किसी कल्पित नाम से, मतपत्र के लिए आवेदन करता है या मत देता है, या ऐसे निर्वाचन में एक बार मत दे देने के पश्चात् उसी निर्वाचन में अपने नाम से मतपत्र के लिए आवेदन करता है, और जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे प्रकार से मतदान को दुष्प्रेरित करता है, उपाप्त करता है या उपाप्त करने का प्रयत्न करता है, वह निर्वाचन में प्रतिरूपण का अपराध करता है :

परंतु इस धारा की कोई भी बात किसी ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होगी जिसे तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन किसी निर्वाचन के लिए परोक्षी के रूप में मत देने के लिए प्राधिकृत किया गया है जहां तक वह ऐसे निर्वाचक के लिए परोक्षी के रूप में मतदान करता है ।

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