भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 8/167 / 570
154उस भूमि का स्वामी या अधिभोगी, जिस पर विधिविरुद्ध जमाव किया गया है
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जब कभी कोई विधिविरुद्ध जमाव या बल्वा हो, तब जिस पर ऐसा विधिविरुद्ध जमाव हो या ऐसा बल्वा किया जाए, उसका स्वामी या अधिभोगी और ऐसी भूमि में हित रखने वाला या हित रखने का दावा करने वाला व्यक्ति एक हजार रुपए से अनधिक जुर्माने से दंडनीय होगा, यदि वह या उसका अभिकर्ता या प्रबंधक यह जानते हुए कि ऐसा अपराध किया जा रहा है या किया जा चुका है या इस बात का विश्वास करने का कारण रखते हुए कि ऐसे अपराध का किया जाना सम्भाव्य है, उस बात की अपनी शक्ति-भर शीघ्रतम सूचना निकटतम पुलिस थाने के प्रधान आफिसर को न दे या नदें और उस दशा में, जिसमें कि उसे या उन्हें यह विश्वास करने का कारण हो कि यह लगभग किया ही जाने वाला है, अपनी शक्ति-भर सब विधिपूर्ण साधनों का उपयोग उसका निवारण करने के लिए नहीं करता या करते और उसके हो जाने पर अपनी शक्ति-भर सब विधिपूर्ण साधनों का उस विधिविरुद्ध जमाव को बिखेरने या बल्वे को दबाने के लिए उपयोग नहीं करता या करते ।
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