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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 4/84 / 570

80विधिपूर्ण कार्य करने में दुर्घटना

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 12स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

कोई बात अपराध नहीं है, जो दुर्घटना या दुर्भाग्य से और किसी आपराधिक आशय या ज्ञान के बिना विधिपूर्ण प्रकार से विधिपूर्ण साधनों द्वारा और उचित सतर्कता और सावधानी के साथ विधिपूर्ण कार्य करने में ही हो जाती है ।

दृष्टांत

क कुल्हाड़ी से काम कर रहा है ; कुल्हाड़ी का फल उसमें से निकल कर उछट जाता है, और निकट खड़ा हुआ व्यक्ति उससे मारा जाता है । यहां यदि क की ओर से उचित सावधानी का कोई अभाव नहीं था तो उसका कार्य माफी योग्य है और अपराध नहीं है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।