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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 3/23 / 531

23दंडादेश, जो मजिस्ट्रेट दे सकेंगे

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 167स्रोत

(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय, मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के लिए कारावास के दंडादेश के सिवाय, विधि द्वारा प्राधिकृत कोई दंडादेश दे सकेगा ।

(2) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय, तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या पचास हजार रुपए से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, या सामुदायिक सेवा का, दंडादेश दे सकेगा ।

(3) द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय, एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या दस हजार रुपए से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, या सामुदायिक सेवा का, दंडादेश दे सकेगा ।

स्पष्टीकरण—“सामुदायिक सेवा” से ऐसा कार्य अभिप्रेत है, जिसको किसी दोषसिद्ध व्यक्ति को दंड के ऐसे रूप में करने के लिए न्यायालय आदेश करे, जो समुदाय के लाभ के लिए हो, जिसके लिए वह किसी पारिश्रमिक का हकदार नहीं होगा ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।