नई–पुरानी धाराmanzill.com
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 3/30 / 534

29दंडादेश, जो मजिस्ट्रेट दे सकेंगे

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 10स्रोत

(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के लिए कारावास के दंडादेश के सिवाय कोई ऐसा दंडादेश दे सकता है जो विधि द्वारा प्राधिकृत है ।

(2) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या [दस हजार रुपए] से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकता है ।

(3) द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट का न्यायालय एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास का या “पांच हजार रुपए] से अनधिक जुर्माने का, या दोनों का, दंडादेश दे सकता है।

(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां और महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की शक्तियां होंगी ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 5 द्वारा “पांच हजार रुपए” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 5 द्वारा “एक हजार रुपए” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।