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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 3/27 / 534

26न्यायालय, जिनके द्वारा अपराध विचारणीय हैं

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 9स्रोत

इस संहिता के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए,—

(क) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) के अधीन किसी अपराध का विचारण—

(i) उच्च न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, या

(ii) सेशन न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, या

(iii) किसी अन्य ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके द्वारा उसका विचारणीय होना प्रथम अनुसूची में दर्शित किया गया है :

[परंतु “[भारतीय दंड संहिता, (1860 का 45) की धारा 376 और धारा 376क, धारा 376ख, धारा 376ग, धारा 376घ या धारा 376ड] के अधीन किसी अपराध का विचारण यथासाध्य ऐसे न्यायालय द्वारा किया जाएगा, जिसमें महिला पीठासीन हो।]

(ख) किसी अन्य विधि के अधीन किसी अपराध का विचारण, जब उस विधि में इस निमित्त कोई न्यायालय उल्लिखित है, तब उस न्यायालय द्वारा किया जाएगा और जब कोई न्यायालय इस प्रकार उल्लिखित नहीं है तब—

(i) उच्च न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, या

(ii) किसी अन्य ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है जिसके द्वारा उसका विचारणीय होना प्रथम अनुसूची में दर्शित किया गया है ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 2009 के अधिनियम सं० 5 की धारा 4 द्वारा अंतःस्थापित ।
  2. 2013 के अधिनियम सं० 13 की धारा 11 द्वारा प्रतिस्थापित ।

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