दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 2/26 / 534
25कअभियोजन निदेशालय
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 8–9स्रोत
(1) राज्य सरकार एक अभियोजन निदेशालय स्थापित कर सकेगी, जिसमें एक अभियोजन निदेशक और उतने अभियोजन उप-निदेशक होंगे, जितने वह ठीक समझे ।
(2) कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक या उप अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए केवल तभी पात्र होगा यदि वह अधिवक्ता के रूप में कम-से-कम दस वर्ष तक व्यवसाय में रहा है और ऐसी नियुक्ति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति से की जाएगी ।
(3) अभियोजन निदेशालय का प्रधान अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रधान के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा ।
(4) प्रत्येक अभियोजन उप-निदेशक, अभियोजन निदेशक के अधीनस्थ होगा ।
(5) राज्य सरकार द्वारा धारा 24 की, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (8) के अधीन, उच्च न्यायालयों में मामलों का संचालन करने के लिए नियुक्त किया गया प्रत्येक लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक, जो अभियोजन निदेशक के अधीनस्थ होगा ।
(6) राज्य सरकार द्वारा, धारा 24 की, यथास्थिति, उपधारा (3) या उपधारा (8) के अधीन जिला न्यायालयों में मामलों का संचालन करने के लिए नियुक्त किया गया प्रत्येक लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक, और जो धारा 25 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त किया गया प्रत्येक सहायक लोक अभियोजक, जो अभियोजन उप-निदेशक के अधीनस्थ होगा ।
(7) अभियोजन निदेशक और अभियोजन उप-निदेशकों की शक्तियां तथा कृत्य तथा वे क्षेत्र जिनके लिए प्रत्येक अभियोजन निदेशक नियुक्त किया जाएगा, वे होंगे जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे ।
(8) लोक अभियोजक के कृत्यों का पालन करने में, इस धारा के उपबंध राज्य के महाधिवक्ता को लागू नहीं होंगे ।]
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- 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 4 द्वारा अंतःस्थापित ।
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