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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 3/21 / 531

21न्यायालय, जिनके द्वारा अपराध विचारणीय हैं

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 166–167स्रोत

इस संहिता के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए,—

(क) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अधीन किसी अपराध का विचारण निम्नलिखित के द्वारा किया जा सकेगा—

(i) उच्च न्यायालय ; या

(ii) सेशन न्यायालय ; या

(iii) किसी अन्य न्यायालय, जिसके द्वारा ऐसे अपराध का विचारणीय होना प्रथम अनुसूची में दर्शाया गया है :

परंतु भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64, धारा 65, धारा 66, धारा 67, धारा 68, धारा 69, धारा 70 या धारा 71 के अधीन किसी अपराध का विचारण यथासाध्य ऐसे न्यायालय द्वारा किया जाएगा, जिसमें महिला पीठासीन हो ;

(ख) किसी अन्य विधि के अधीन किसी अपराध का विचारण, जब ऐसी विधि में इस निमित्त कोई न्यायालय उल्लिखित है, तब ऐसे न्यायालय द्वारा किया जाएगा और जब कोई न्यायालय इस प्रकार उल्लिखित नहीं है तब उसका विचारण निम्नलिखित द्वारा किया जा सकेगा—

(i) उच्च न्यायालय ; या

(ii) कोई अन्य न्यायालय, जिसके द्वारा ऐसे अपराध का विचारणीय होना प्रथम अनुसूची में दर्शाया गया है ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।