भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 20/265 / 531
265अभियोजन के लिए साक्ष्य
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 273स्रोत
(1) यदि अभियुक्त अभिवाक् करने से इंकार करता है या अभिवाक् नहीं करता है या विचारण किए जाने का दावा करता है या मजिस्ट्रेट अभियुक्त को धारा 264 के अधीन दोषसिद्ध नहीं करता है तो वह मजिस्ट्रेट साक्षियों की परीक्षा के लिए तारीख नियत करेगा :
परंतु मजिस्ट्रेट अभियुक्त को पुलिस द्वारा अन्वेषण के दौरान अभिलिखित किए गए साक्षियों के कथन अग्रिम रूप से प्रदान करेगा ।
(2) मजिस्ट्रेट, अभियोजन के आवेदन पर उसके साक्षियों में से किसी को उपस्थित होने या कोई दस्तावेज या अन्य चीज प्रस्तुत करने का निदेश देने वाला समन जारी कर सकता है ।
(3) ऐसी नियत तारीख पर मजिस्ट्रेट ऐसा सभी साक्ष्य लेने के लिए अग्रसर होगा जो अभियोजन के समर्थन में प्रस्तुत किया जाता है :
परन्तु मजिस्ट्रेट किसी साक्षी की प्रतिपरीक्षा तब तक के लिए, जब तक किसी अन्य साक्षी या साक्षियों की परीक्षा नहीं कर ली जाती है, आस्थगित करने की अनुज्ञा दे सकेगा या किसी साक्षी को अतिरिक्त प्रतिपरीक्षा के लिए पुनः बुला सकेगा :
परंतु यह और कि इस उपधारा के अधीन किसी साक्षी की परीक्षा, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले अभिहित स्थान पर श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों द्वारा की जा सकेगी ।
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