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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/अध्याय 28/388 / 531

388उत्तर देने या दस्तावेज प्रस्तुत करने से इंकार करने वाले व्यक्ति को कारावास या उसकी सुपुर्दगी

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 323स्रोत

यदि दंड न्यायालय के समक्ष कोई साक्षी या कोई व्यक्ति, जो किसी दस्तावेज या चीज को प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया है, उन प्रश्नों का, जो उससे किए जाएं, उत्तर देने से या अपने कब्जे या शक्ति में के किसी दस्तावेज या चीज को, जिसे प्रस्तुत करने की न्यायालय उससे अपेक्षा करे, प्रस्तुत करने से इंकार करता है और ऐसे इंकार के लिए कोई उचित कारण प्रस्तुत करने के लिए युक्तियुक्त अवसर दिए जाने पर ऐसा नहीं करता है, तो ऐसा न्यायालय उन कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएं, उसे सात दिन से अनधिक की किसी अवधि के लिए सादा कारावास का दंडादेश दे सकेगा या पीठासीन मजिस्ट्रेट या न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित वारंट द्वारा न्यायालय के किसी अधिकारी की अभिरक्षा के लिए सुपुर्द कर सकेगा, जब तक कि उस बीच ऐसा व्यक्ति अपनी परीक्षा किए जाने और उत्तर देने के लिए या दस्तावेज या चीज प्रस्तुत करने के लिए सहमत नहीं हो जाता है और उसके इंकार पर डटे रहने की दशा में उसके बारे में धारा 384 या धारा 385 के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी ।

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