दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 32/473 / 534
428अभियुक्त द्वारा भोगी गई विरोध की अवधि का कारावास के दंडादेश के विरुद्ध मुजरा किया जाना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 122स्रोत
जहां अभियुक्त व्यक्ति दोषसिद्धि पर किसी अवधि के लिए कारावास से दंडादिष्ट किया गया है, [जो जुर्माने के संदाय में व्यतिक्रम के लिए कारावास नहीं है] वहां उसी मामले के अन्वेषण, जांच या विचारण के दौरान और ऐसी दोषसिद्धि की तारीख से पहले उसके द्वारा भोगे गए, यदि कोई हो निरोध की अवधि का, ऐसी दोषसिद्धि पर उस पर अधिरोपित कारावास की अवधि के विरुद्ध मुजरा किया जाएगा और ऐसी दोषसिद्धि पर उस व्यक्ति का कारावास में जाने का दायित्व उस पर अधिरोपित कारावास की अवधि के शेष भाग तक, यदि कोई हो, निर्बन्धित किया जाएगा।
[“परन्तु धारा 433क में निर्दिष्ट मामलों में निरोध की ऐसी अवधि का उस धारा में निर्दिष्ट चौदह वर्ष की अवधि के विरुद्ध मुजरा किया जाएगा ।”]
संशोधन टिप्पणियां
- 1978 के अधिनियम सं० 45 की धारा 31 द्वारा अन्तःस्थापित ।
- 2005 के अधिनियम सं० 25 की धारा 34 द्वारा अन्तःस्थापित ।
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