दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/अध्याय 32/476 / 534
431जिस धन का संदाय करने का आदेश दिया गया है उसका जुर्माने के रूप में वसूल किया जा सकना
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 123स्रोत
कोई धन (जो जुर्माने से भिन्न है) जो इस संहिता के अधीन दिए गए किसी आदेश के आधार पर संदेय है और जिसकी वसूली का ढंग अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित नहीं है, ऐसे वसूल किया जा सकता है मानो वह जुर्माना है :
परन्तु इस धारा के आधार पर, धारा 359 के अधीन किसी आदेश को लागू होने में धारा 421 का अर्थ इस प्रकार लगाया जाएगा मानो धारा 421 की उपधारा (1) के परन्तुक में “धारा 357 के अधीन आदेश” शब्दों और अंकों के पश्चात्, “या खर्चों के संदाय के लिए धारा 359 के अधीन आदेश” शब्द और अंक अन्तःस्थापित कर दिए गए हैं ।
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