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भारतीय दंड संहिता, 1860

भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 9क/183 / 570

171क“अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 31स्रोत

यह धारा बदल दी गई है

भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।

इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए—

[(क) “अभ्यर्थी” से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है ;]

(ख) “निर्वाचन अधिकार” से किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में खड़े होने या खड़े न होने या अभ्यर्थना से अपना नाम वापल लेने या मत देने या मत देने से विरत रहने का किसी व्यक्ति का अधिकार अभिप्रेत है ।

संशोधन टिप्पणियां

  1. 1975 के अधिनियम सं० 40 की धारा 9 द्वारा खंड (क) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।

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