भारतीय दंड संहिता, 1860/अध्याय 9क/187 / 570
171ङरिश्वत के लिए दण्ड
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यह धारा बदल दी गई है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
1 जुलाई 2024 से पहले किए गए अपराधों का दंड, और उनका अन्वेषण या कार्यवाही, इसी पुरानी संहिता के अनुसार होते हैं, मानो इसका निरसन नहीं हुआ (बीएनएस धारा 358)।
जो कोई रिश्वत का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा :
परंतु सत्कार के रूप में रिश्वत केवल जुर्माने से ही दण्डित की जाएगी ।
स्पष्टीकरण—“सत्कार” से रिश्वत का वह रूप अभिप्रेत है जो परितोषण, खाद्य, पेय, मनोरंजन या रसद के रूप में है ।
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